विशेष सूचना - श्रीलंका अध्यात्म यात्रा
परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री महामण्डलेश्वर डॉ. संत श्री इन्द्रदेवजी महाराज सनातन वैदिक परम्परा के एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गुरु, श्रीमद्भागवत कथाव्यास, योग एवं आयुर्वेद के ज्ञाता तथा मानव सेवा को समर्पित संत हैं। उनके जीवन का मूल उद्देश्य वेदों का दिव्य ज्ञान, भारतीय संस्कृति के सनातन संस्कार तथा प्रेम, सेवा और करुणा का संदेश जन-जन तक पहुँचाना है।
गुरुदेव के श्रीमुख से प्रवाहित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा, वैदिक प्रवचन एवं प्रेरणादायी वाणी ने देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के जीवन में आध्यात्मिक जागरण, संस्कार, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक परिवर्तन का संचार किया है। उनकी प्रेरणा से असंख्य लोगों ने व्यसनमुक्त, संस्कारित एवं सात्त्विक जीवन को अपनाकर धर्म और मानव सेवा के मार्ग पर अपने कदम बढ़ाए हैं।
गौसेवा, गुरुकुल शिक्षा, यज्ञ, अन्नदान, आयुर्वेद, योग तथा निःस्वार्थ मानव सेवा के विविध प्रकल्पों के माध्यम से गुरुदेव निरंतर “नर सेवा ही नारायण सेवा” के सनातन आदर्श को साकार कर रहे हैं।
उनकी श्रीमद्भागवत कथा एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का सीधा प्रसारण Sanskar TV, Satsang TV एवं Shubh TV पर होता है। साथ ही YouTube, Facebook, Instagram एवं अन्य डिजिटल माध्यमों के द्वारा वे विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं तक सनातन संस्कृति, धर्म, राष्ट्र एवं मानव कल्याण का संदेश निरंतर पहुँचा रहे हैं।
(सभी दान 80G के तहत कर मुक्त है|) GPay/Phone Pe / Paytm No:9403490166 UPI:santindradevjimaharaj@icici Account Detail : HDFC Bank, Account No. : 50100390525852, IFSC Code : HDFC0000942, Branch Name : Vrindavan, Account Name : KRANTIKARI RASTRASANT INDRADEVJI RBB
16 से 22 सितम्बर, श्रीमद्भागवत कथा, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र :: 1 से 7 अक्टूबर, श्रीमद्भागवत कथा, धौलाना, हापुड़ (उत्तर प्रदेश) :: 18 से 22 अक्टूबर तक श्रीलंका यात्रा :: 25 से 31 अक्टूबर, श्रीमद्भागवत कथा, बरौला, नोएडा (उत्तर प्रदेश) :: 11 से 17 नवम्बर, श्रीमद्भागवत कथा, चोपड़ा, महाराष्ट्र :: 9 से 25 नवम्बर, श्रीमद्भागवत कथा, श्रीधाम वृन्दावन :: 1 से 7 दिसम्बर, श्री जगन्नाथ पुरी, श्रीमद्भागवत कथा ::
श्रीलंका आध्यात्मिक यात्रा : -
18 से 22 अक्टूबर तक श्रीलंका यात्रा
एकादशी उद्यापन :- 9 से 25 नवम्बर, श्रीमद्भागवत कथा, श्रीधाम वृन्दावन ::
श्री जगन्नाथपुरी यात्रा :-
1 से 7 दिसम्बर, श्री जगन्नाथपुरी, श्रीमद्भागवत कथा







संत इंद्रदेवजी महाराज आश्रम का उद्देश्य करुणा, आध्यात्मिकता और समाज सेवा के माध्यम से मानवता की सेवा करना है। हमारी सभी सेवाएँ समाज के प्रत्येक वर्ग के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने, जरूरतमंदों की सहायता करने तथा सनातन धर्म के मूल्यों के संरक्षण और प्रसार के लिए समर्पित हैं।
विभिन्न सेवा कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से हम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का निरंतर प्रयास करते हैं। हमारा संकल्प है कि प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक सहयोग, उचित मार्गदर्शन और स्नेहपूर्ण सेवा प्रदान कर एक सशक्त, संस्कारित और समृद्ध समाज का निर्माण किया जाए।
हमारा आश्रम कई वृद्ध लोगों का घर है। गुरुजी सोचते हैं कि हर कोई एक अच्छा जीवन जीने का हकदार है। उनके अग्र श्री इन्द्रदेवजी महाराज अनेक वृद्धों का उत्तरदायित्व उठाते हैं। यह सुनिश्चित करना कि उन्हें उचित भोजन, उचित स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं और रहने के लिए एक शांतिपूर्ण जगह मिले।
हमारे ट्रस्ट का मिशन असहाय और घायल गौ माता को मुफ्त चिकित्सा उपचार प्रदान करने के लिए गौ सेवा और डिजिटल अस्पताल है। इस संबंध में और गौ माता की पीड़ा को समझ रहे हैं। श्री इंद्रदेवजी महाराज की अध्यक्षता में।
संत महात्माओ एवं गरीब और वंचित वर्ग को निःशुल्क जीवन रक्षक दवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से सामान्य बीमारियों के उपचार की सुविधा सरल रूप से प्रदान की जाती है। मूल भावना: “सेवा वह औषधि है, जो शरीर और आत्मा दोनों को आरोग्य देती है।”
आप सभी को यह जानकर बहुत खुशी होगी कि वृंदावन की पावन धरा पर श्री राधा किशोरी सेवा धाम संत कालोनी परिक्रमा मार्ग पर गुरु जी के मार्गदर्शन में अनेक सेवाएं चल रही हैं, जिनमें से एक है दुग्ध सेवा।
आश्रम अन्नदान का गैर-लाभकारी संगठनात्मक दान चलाता है जो समय-समय पर सैकड़ों लोगों को भोजन परोसता है। अन्नदान दैनिक आधार पर चलता है, जहाँ सभी को उचित और स्वस्थ भोजन मिलता है। आश्रम में प्रतिदिन 700 से अधिक लोग भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं जो आश्रम भोजनालय में तैयार किया जाता है। प्रसाद भोजन तैयार करने के लिए स्वच्छता के सभी उपाय किए जाते हैं क्योंकि यह सख्ती से वैष्णव है।
पर्यावरण की देखभाल के लिए आश्रम ने ग्लोबल वार्मिंग, बारिश की कमी जैसे मुद्दों से लड़ने के लिए कई पौधे और पेड़ लगाए हैं। जैविक खेती इसका एक अहम हिस्सा है। आश्रम में कई आयुर्वेदिक पौधे लगाए गए हैं।
हम श्रीमद्भागवत कथा, सत्संग, भजन-कीर्तन एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का नियमित आयोजन करते हैं, ताकि सनातन धर्म की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार हो सके। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में भक्ति, आत्मिक शांति, नैतिक मूल्यों तथा आध्यात्मिक जागरूकता का विकास होता है और समाज में सद्भाव, संस्कार एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है।
हमारा आश्रम गौ सेवा को सर्वोच्च धर्म मानते हुए गौमाता की सुरक्षा, संरक्षण एवं समुचित देखभाल के लिए पूर्णतः समर्पित है। यहाँ गौवंश के लिए सुरक्षित आश्रय, पौष्टिक आहार तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। यह सेवा केवल हमारा कर्तव्य ही नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति समर्पण का पावन स्वरूप है।
हम आश्रम में नियमित रूप से **भंडारा** एवं **निःशुल्क अन्न वितरण** का आयोजन करते हैं, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं, आगंतुकों तथा जरूरतमंद एवं वंचित लोगों को प्रेमपूर्वक भोजन कराया जाता है। हमारा उद्देश्य है कि आश्रम से कोई भी व्यक्ति भूखा न लौटे और सभी को सम्मानपूर्वक प्रसाद एवं अन्न सेवा प्राप्त हो।
हम उन वृद्धजनों की सेवा एवं सहायता के लिए समर्पित हैं, जिन्हें आश्रय, सम्मान और अपनत्व की आवश्यकता होती है। आश्रम में उन्हें सुरक्षित वातावरण, आवश्यक सुविधाएँ तथा आत्मीय सहयोग प्रदान किया जाता है, ताकि वे सम्मान, आत्मविश्वास और गरिमा के साथ सुखद एवं संतोषपूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें।
संत इंद्रदेवजी महाराज आश्रम में हमारी प्रत्येक सेवा करुणा, निस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों से प्रेरित है। हम समाज के उत्थान के लिए ऐसे जनकल्याणकारी कार्यों को समर्पित हैं, जो लोगों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाते हैं।
पारदर्शिता, समर्पण और सामूहिक सहयोग की भावना के साथ हम जरूरतमंदों की सहायता, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्यरत हैं। हमारा संकल्प सेवा, संस्कार और मानवता के आदर्शों के माध्यम से एक सशक्त, संवेदनशील और समृद्ध समाज का निर्माण करना है।
आपका उदार सहयोग संत इन्द्रदेवजी महाराज आश्रम को मानव सेवा, आध्यात्मिक उत्थान और निस्वार्थ सेवा के अपने पवित्र मिशन को निरंतर आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान करता है। आपका प्रत्येक दान गौ सेवा, भंडारा, वृद्धाश्रम सेवा, आध्यात्मिक कार्यक्रमों तथा समाज कल्याण की विभिन्न सेवाओं को सशक्त बनाता है, जिससे जरूरतमंद लोगों को आशा, सम्मान और सहारा मिलता है।
आपकी छोटी-सी सहायता भी किसी के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। आपके सहयोग से आश्रम भोजन, आश्रय, चिकित्सा, देखभाल और आध्यात्मिक मार्गदर्शन जैसी आवश्यक सेवाएँ निरंतर प्रदान कर पाता है।
आइए, इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनें। अपने अमूल्य योगदान के माध्यम से सेवा, करुणा और मानवता के इस दिव्य अभियान को आगे बढ़ाएँ। आज ही दान करें और एक बेहतर, संवेदनशील एवं सुखद समाज के निर्माण में अपना सहयोग दें।